तय रेट से अधिक स्टांप पेपर पर हो रही वसूली, वेंडर ई स्टांप को लेकर नहीं दिखा रहे दिलचस्पी

रिपोर्ट राजेश कुमार यादव/ साधना सिंह एडवोकेट विधि संवाददाता

लखनऊ/वाराणसी

ई-स्टांप की मौजूदगी के बाद भी स्टांप पेपर की मांग कम नहीं हो रही है। इधर, स्टांप पेपर की छपाई बंद होने के कारण आई कमी का फायदा स्टांप वेंडर उठाने लगे हैं। बहुतायत लोगों की शिकायत है कि 100 रुपये के स्टांप पेपर की बिक्री इस समय 130 से 150 रुपये में हो रही है। बहुतायत लोग तो स्टांप पेपर प्राप्त करने के लिए कोषागार काउंटर पर भी दबाव बना रहे हैं, जबकि कोषागार से सीधी बिक्री बहुत पहले ही बंद हो चुकी है। बैंक में चालान जमा करने के बाद उसी के आधार पर स्टांप पेपर की निकासी होती है।

बताया जा रहा है कि स्टांप पेपर की कमी के कारण वेंडर संग्रह करने में भी जुट गए हैं। ई-स्टांप से अधिक ग्राहकों से स्टांप पेपर क्रय करने की बात कर रहे हैं। लोगों का आरोप है कि वेंडर एक लाख से ऊपर के ई-स्टांप को लेकर दिलचस्पी दिखा रहे हैं, लेकिन कम कीमत के स्टांप के प्रति कन्नी काट रहे हैं। सीधे तौर पर स्टांप पेपर लेने की बात कह रहे हैं।

शिकायत के बाद भी नहीं होती जांच

स्टांप पेपर की कीमत से अधिक पैसा नहीं लिया जा सकता है, किंतु वेंडर तय रेट पर कभी बिक्री नहीं करते हैं। अधिक धनराशि की मांग की शिकायत लंबे समय से है। यह अधिकारियों के संज्ञान में है, लेकिन जिम्मेदार लोगों की ओर से कभी वेंडरों के स्टाक की जांच नहीं होती है।

ई-स्टांप को लेकर जागरू कता की कमी

ई-स्टांप को लेकर बहुतायत लोग अनभिज्ञ हैं। इस दिशा में व्यापक प्रचार-प्रसार नहीं होने के कारण लोग ई-स्टांप छोड़ स्टांप पेपर की तलाश कर रहे हैं।

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