विधिक साक्षरता शिविर एवं निरुद्ध बंदियों का वर्चुअल माध्यम से लिया गया हाल-चाल


रिपोर्ट साधना सिंह एडवोकेट विधि संवाददाता

वाराणसी– उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ तथा माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण वाराणसी श्री ओ.पी. त्रिपाठी के आदेश के अनुपालन में जिला कारागार वाराणसी में निरुद्ध विचाराधीन महिला बंदियों व उनके साथ रह रहे 6 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की देख रेख खान-पान ,रहन-सहन व पुरुष बंदियो एवं उनकी स्थिति तथा लीगल एड क्लीनिक तथा कैदियों के हितों से संबंधित मामलों के संबंध में पूर्णकालिक सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, वाराणसी सुधा सिंह द्वारा विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन करते हुए साप्ताहिक निरीक्षण वर्चुअल माध्यम से किया गया।

जिला कारागार वाराणसी में विचाराधीन बंदियों ,महिला बंदियों की स्थिति तथा लीगल एड क्लीनिक व बंदियों के हितों से संबंधित मामलों के संबंध में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण वाराणसी द्वारावर्चुअल माध्यमसे किया गया ।

इस अवसर पर जिला कारागार के डिप्टी जेलर तथा विचाराधीन महिला व पुरुष बंदी उपस्थित रहे। ऐसे विचाराधीन बंदियों जिनके वाद की पैरवी करने वाला कोई नहीं है,उन्हें नि:शुल्क विधिक सहायता प्रदान करने के लिए उनके आवेदन पत्र जिला विधिक सेवा प्राधिकरण वाराणसी को अग्रसारित करने हेतु तथा ऐसे बंदियों जो सामान्य मामलों में तथा धारा 436-ए के अंतर्गत निरुद्ध है, उसकी पहचान सुनिश्चित करने के लिए जेलर जिला कारागार को निर्देशित किया गया। उपस्थित कैदियों को नि:शुल्क विधिक सहायता तथा विभिन्न सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ द्वारा विशेष रूप से चयनित योजनाओं की सात स्कीमों तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा चलाई जा रही योजनाओं ,प्ली बारगेनिंग एवं ए. डी. आर. के महत्व के संबंध में तथा इस बार मुख्य रूप से वैश्विक महामारी कोरोना कोविड-19 के संक्रमण को रोकनेके लिए दिए गए निर्देशों के साथ साथ सभी बंदियो को मास्क लगाने तथा समय-समय पर साबुन से हाथ धुलने तथा साफ सफाई से रहने हेतु निर्देशित किया गया।

 *वर्तमान में जिला कारागार वाराणसी में कुल 2268 बंदी निरुद्ध हैं, जिसमें 2157 पुरुष व 111 महिला बंदी( महिला बंदी के साथ 9 बच्चे हैं)हैं। जेल प्राधिकारियों से कोविड-19 टेस्ट के बाबत पूछे जाने पर बताया गया कि अभी तक जिला कारागार वाराणसी में सभी महिलाओं के टेस्ट कराए जा चुके हैं जिसमें कोई भी महिला बंदी कोरोना पॉजिटिव नहीं आई है। अभी तक कोई भी पुरूष बंदी पॉजिटिव नहीं आया।बाकी के टेस्ट लगातार किए जा रहे हैं।अभी तक कराए गए कोविड-19 टेस्ट में कोई भी बंदी पॉजिटिव नहीं आया है ।कोरोना के पुनः विस्तार की स्थिति को देखते हुए *विधिक सचिव द्वारा बंदियों  को लगातार सैनिटाइजेशन ,मास्क लगाए जाने साफ सफाई की व्यवस्था पर्याप्त रूप से बनाए रखने एवं काढ़ा दिए जाने हेतु जेल प्राधिकारियों को कड़ाई से आदेशित किया गया*।

केंद्रीय कारागार ,वाराणसी में भी वर्चुअल माध्यम से विधिक जागरूकता शिविर लगाकर बंदियों को समय से पूर्व छूटे जाने संबंधी प्रावधानों की जानकारी विस्तार से दी गयी और उनकी समस्याओं को सुना गया।एवम उनके निस्तारण हेतु संबंधित को तत्काल आदेशित भी किया गया।
विधिक सचिव द्वारा बंदियो को इस बात के लिए जागरूक किया गया कि सरकार की किसी भी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए उन्हें जेल के प्रवास के दौरान नैतिक और सदाचरण के आचरण एवम व्यवहार का पालन करना चाहिए।वर्तमान में केंद्रीय कारागार में बंदियो की संख्या 1694 है।अभी तक कुल 2759 कोरोना टेस्ट किया जा चुका है।आगे बंदियो को कोरोना के मद्देनजर हमेशा सामाजिक दूरी का पालन करते हुए,साफ सफाई का ध्यान रखते हुए ,मास्क लगाते रहने और समय समय पर साबुन से हाथ धुलते रहने हेतु विधिक सचिव द्वारा जागरूक किया गया।

कोविड-19 के पुनः विस्तार को देखते हुए विधिक सचिव द्वारा जेल प्राधिकारियों को बंदियो को मास्क लगाए जाने, सैनिटाइजेशन एवं काढ़ा दिए जाने हेतु कड़ाई से आदेशित किया गया

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