प्राणघातक हमले में होटल संचालक को मिलीं जमानत


रिपोर्ट साधना सिंह एडवोकेट विधि संवाददाता

वाराणसी। खाने का ज्यादा पैसा मांगने को लेकर लाठी-डंडे व रॉड से प्राणघातक हमला करने के मामले में आरोपित होटल संचालक को जमानत मिल गयी। अपर जिला जज (अष्ठम) जनार्दन प्रसाद यादव की अदालत ने आरोपित होटल संचालक गोकुल यादव को 50-50 हजार रुपए की दो जमानतें एवं बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता फौजदारी अनुज यादव व उनके सहयोगी अधिवक्ता नरेश यादव ने पक्ष रखा।

होटल में खाने-पीने को लेकर हुआ था विवाद
अभियोजन पक्ष के अनुसार घौसाबाद (कैंट) निवासी दिनेश विश्वकर्मा ने 21 दिसम्बर 2020 को कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि 20 दिसम्बर को रात्रि 9 बजे उसका पुत्र अभिषेक विश्वकर्मा उर्फ बच्चा अपने दोस्तों प्रदीप व विशाल के साथ चौकाघाट स्थित यादव होटल पर खाना लेने गया था। इस दौरान खाने का ज्यादा पैसा मांगने पर मेरे पुत्र ने मना किया तो होटल मालिक सियाराम यादव जो उससे पुरानी रंजिश रखते थे, नाराज होकर गालीगलौज करने लगे। जब पुत्र ने विरोध किया तो सियाराम ने फोनकर अपने पुत्र गोकुल यादव, बाबू विश्वकर्मा, बलवंत विश्वकर्मा, केशव व अक्षय विश्वकर्मा को बुला लिया। जिसके बाद सभी लोग लाठी-डंडे व रॉड से तीनों की पिटाई करने लगे। साथ ही लोहे की रॉड से अभिषेक के सिर पर गंभीर प्रहार कर दिया, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं बेहोश होकर गिर गया। शोर सुनकर जब आसपास के लोग जुटने लगे तो सभी हमलावर पिस्टल निकालकर जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से भाग निकले। सूचना पर मैं वहां पहुंचा और घायल पुत्र संग उसके दोस्तों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया।

अदालत में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता ने दलील दी कि विवेचना में पुलिस ने जिस सीसीटीवी फुटेज का जिक्र किया है, उसमें आरोपित बीचबचाव करते दिख रहा है। साथ ही न ही आरोपित के हाथ में कोई लाठी-डंडा या रॉड ही दिखाई दे रहा है। जिसके बाद अदालत ने उक्त सीसीटीवी फुटेज को चलवाकर देखने के बाद आरोपित को जमानत दिए जाने का पर्याप्त आधार पाते हुए उसे जमानत दे दी।

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