25 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में आरोपी को मिलीं अंतरिम जमानत

A G SHAH
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रिपोर्ट साधना सिंह एडवोकेट मीडिया सलाहकार

वाराणसी। प्रभारी सत्र न्यायाधीश की अदालत ने 25 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में आरोपी को अंतरिम जमानत दे दी। जैतपुरा निवासी आरोपी मोहम्मद शाकिब को 25-25 हजार रुपये की दो जमानते एवं बन्धपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अनुज यादव, सौरभ यादव व नरगिस अंसारी ने पक्ष रखा।

अभियोजन पक्ष के अनुसार मोहल्ला पक्के महाल (जैतपुरा) निवासी बेलाल अहमद ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156 (3) के तहत प्रार्थनापत्र दिया था। जिसके बाद जैतपुरा थाने में शिकायत दर्ज की गई थी। आरोप था कि प्रार्थी एक हाजी नासिर एंड संस के नाम से एक फर्म बनाया था और फर्म में प्रार्थी तथा प्रार्थी के भाई जमाल अहमद, अफजाल अहमद व अशफाक अहमद के नाम से फार्म चलाता था और फर्म का प्रोपराइटर अशफाक अहमद थे, जिनकी मृत्यु 10 फरवरी 2023 को हो चुकी है। उपरोक्त फॉर्म के संचालन बेलाल अहमद, जमाल अहमद, अफजाल अहमद करते हैं। प्रार्थी का परिवार साड़ी बुनाई का काम करता था। प्रार्थी द्वारा AMRAN fadrict नाम फर्म के मलिक मोहम्मद शाहिद के भाई मोहम्मद शकील के मोबाइल उनके भाइयों जो सरैया जैतपुरा निवासी मोहम्मद जफर, मोहम्मद आशीफ, मोहम्मद शाकिब पर आया और कहा गया मेरा भी काम साड़ी बुनाई का है। 10 नवंबर 2019 को आए और कहें कि आपका भी काम साड़ी का है और हम लोगों का भी काम साड़ी का है और हम दोनों का फॉर्म भी रजिस्टर्ड है। आप साड़ी हमको दीजिए और आपका रुपए एक हफ्ते में हम लोग चुकता कर देंगे। प्राथी ऊपर विश्वास करके उनके द्वारा दिखाए गए कागजातों को देखकर विश्वास में आकर 1 मार्च 2021 को 42900, 2 मार्च 2021 को 115160, 3 मार्च 2021 को 35770 रुपए और 30000, 4 मार्च 2021 को 35200, 5 मार्च 2021 को 95600, 6 मार्च 2021 को 63570 रुपए और 53000, 9 मार्च 2021 को 31400 और 260100 व 46750 रुपए, 12 मार्च 2021 को 62750 रुपए वह 13 मार्च 2021 को 35200 और 38600, 15 मार्च 2021 को 157650 रुपए और 123200, 3 मार्च 2021 को 165150 रुपए व 1 अप्रैल 2021 को 65500 की साड़ी उपरोक्त लोगों को कुल रुपए 25 लाख 29358 रुपए दिया तथा विपक्षी मोहम्मद शाहिद द्वारा मोहम्मद हाजी नासिर संस कंपनी का एचडीएफसी बैंक एवं कोटक बैंक 25 लाख 29358 रुपए का चेक दिया। प्रार्थी द्वारा बैंकों में सभी चेकों को लगाया गया लेकिन खाते में पैसा नहीं होने के कारण बैंक द्वारा अनादरित कर दिया। प्रार्थी इस संबंध में एक प्रार्थना पत्र 7 सितंबर 2022 को चौकी सरैया पर दिया पर कोई भी कार्रवाई नहीं हुई जब भी प्रार्थना पत्र थाना या पुलिस चौकी पर जाता था प्रार्थी से दो-चार महीने का समय लेकर केवल टाल मटोल करता था, परंतु आज तक एक भी रुपया नहीं दिया। उक्त घटना की शिकायत पुनः प्रार्थी लिखित व मौखिक चौकी इंचार्ज सरैया व थाना अध्यक्ष जैतपुरा को दिया। प्रार्थनापत्र की जानकारी होने पर विपक्षी 11 मार्च 2023 को समय रात्रि 8:00 बजे प्रार्थी के घर एकजुट होकर आए और मां बहन की भद्दी भद्दी गालियां देते हुए घर में घुस गए घर में रखी हुई साड़ियों को इधर-उधर बिखेर दिए तथा दीवाल घड़ी व मोबाइल तोड़ दिए और प्रार्थी को जूता चप्पल से मारे पीटे तथा कहे कि आज के बाद अपने रुपये की मांग करने के लिए किसी भी प्रशासनिक अधिकारी के पास प्रार्थना पत्र दोगे तो तुम्हें व तुम्हारे परिवार को इसी कमरे में बंद करके आग लगा देंगे। विपक्षीगढ़ इन्हीं कारणों से परेशान होकर प्रार्थी का भाई अशफाक अहमद की मृत्यु हुई, क्योंकि अशफाक भी कर्ज में साड़ी लेकर विपक्षीगढ़ को दिया था।

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